×

Vastu Tips In Hindi: मरे हुए व्यक्ति की 5 चीजें घर में कभी न रखें

Vastu Tips In Hindi: जब घर में किसी की मृत्यु हो जाती है तो वह समय बहुत कठिन होता है। शोक में हम कई बातों का ध्यान नहीं रख पाते। लेकिन हिंदू धर्म शास्त्र और वास्तु के अनुसार मृत व्यक्ति की कुछ चीजें घर में नहीं रखनी चाहिए। ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और घर में अशांति फैलाती हैं। कई परिवारों ने इन चीजों को रखकर बहुत नुकसान उठाया है। आज हम जानेंगे उन पांच चीजों के बारे में जिन्हें मृत व्यक्ति के बाद घर से तुरंत हटा देना चाहिए। यह जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है और हर परिवार को इसकी जानकारी होनी चाहिए। तो आइए जानते हैं इन पांच चीजों के बारे में।

बिस्तर और तकिया

रामलाल के पिता का देहांत हो गया। परिवार शोक में था। सभी रस्में पूरी हुईं लेकिन पिता का बिस्तर और तकिया वैसे ही पड़े रहे। मां कहती थी कि ये पिताजी की यादें हैं। तीन महीने बीत गए। घर में अजीब सी बेचैनी होने लगी। रात को अजीब आवाजें आतीं। बच्चे डरने लगे। घर में झगड़े बढ़ गए। तब एक पंडित जी ने बताया कि मृत व्यक्ति का बिस्तर घर में नहीं रखना चाहिए। उस पर मृत आत्मा का प्रभाव रहता है। यह नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनता है। रामलाल ने तुरंत वह बिस्तर और तकिया दान कर दिया। कुछ दिनों में घर की स्थिति सामान्य हो गई। मृत व्यक्ति के बिस्तर, चादर, तकिया सब कुछ या तो दान कर देना चाहिए या धार्मिक विधि से विसर्जित करना चाहिए।

जूते और चप्पल

सुनीता की दादी का निधन हो गया था। दादी के जूते चप्पल अलमारी में रखे रह गए। सुनीता को लगता था कि ये दान कर देंगे लेकिन व्यस्तता में भूल गई। छह महीने बीत गए। घर में लगातार बीमारियां आने लगीं। पहले एक बच्चा बीमार पड़ा फिर दूसरा। खर्च बढ़ता गया। एक वास्तु विशेषज्ञ ने घर देखा और बताया कि मृत व्यक्ति के जूते चप्पल घर में बहुत अशुभ होते हैं। जूते हमारे पैरों में होते हैं और नीचे की ऊर्जा से जुड़े होते हैं। मृत व्यक्ति के जूते रखने से घर में रोग और दुर्भाग्य आता है। सुनीता ने तुरंत वे जूते चप्पल निकाल दिए। धीरे धीरे घर की स्थिति सुधरने लगी। मृत व्यक्ति के जूते चप्पल तेरहवीं के बाद तुरंत दान कर देने चाहिए।

कपड़े और सामान

विनोद के चाचा का देहांत हुआ। उनके कपड़े और निजी सामान अलमारी में बंद कर दिए गए। परिवार के लोग कहते थे कि बाद में देखेंगे। एक साल बीत गया। घर में शांति नहीं थी। हर काम में रुकावट आती। व्यापार में नुकसान होने लगा। घर का माहौल भारी रहता। तब एक बुजुर्ग ने समझाया कि मृत व्यक्ति के कपड़े घर में नहीं रखने चाहिए। इनमें उस व्यक्ति की ऊर्जा होती है। मृत्यु के बाद यह ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है। ये कपड़े घर में अशांति लाते हैं। विनोद ने सभी कपड़े और सामान निकाला। जो अच्छे थे उन्हें दान किया और बाकी विधिवत विसर्जित किए। कुछ महीनों में घर में सुधार आया। मृत व्यक्ति के कपड़े जल्द से जल्द दान करने चाहिए।

तस्वीर और फोटो

राजेश के दादाजी की मृत्यु हुई। उनकी बड़ी सी तस्वीर बेडरूम में लगी रह गई। रात को सोते समय वह तस्वीर सामने दिखती। राजेश को अजीब सपने आने लगे। नींद ठीक से नहीं आती थी। बच्चे भी डरने लगे। घर में तनाव बढ़ गया। एक ज्योतिषी ने बताया कि मृत व्यक्ति की तस्वीर बेडरूम या पूजा घर में नहीं रखनी चाहिए। अगर रखनी ही है तो लिविंग रूम में छोटी तस्वीर रख सकते हैं वह भी माला पहनाकर। बेडरूम में मृत व्यक्ति की तस्वीर से नींद में खलल पड़ता है। राजेश ने वह तस्वीर हटा दी और दूसरी जगह रख दी। धीरे धीरे सब ठीक हो गया। मृतकों की तस्वीरें सही जगह और सही तरीके से रखनी चाहिए।

निजी वस्तुएं और आभूषण

मीना की सास का निधन हुआ। उनके गहने और निजी सामान संभालकर रख दिए गए। सोने की चेन और अंगूठी मीना ने पहननी शुरू कर दी। कुछ ही दिनों में उसकी तबीयत खराब होने लगी। मन में बेचैनी रहती। रात को डरावने सपने आते। घर में भी अशांति बढ़ गई। तब एक पंडित ने बताया कि मृत व्यक्ति के गहने और निजी वस्तुएं तुरंत नहीं पहननी चाहिए। इन्हें पहले शुद्धिकरण करना जरूरी है। गंगाजल से धोना, मंत्रों से शुद्ध करना और फिर कुछ समय बाद ही उपयोग करना चाहिए। बिना शुद्धिकरण के ये चीजें नकारात्मकता लाती हैं। मीना ने वे गहने उतार दिए और विधिवत शुद्धिकरण करवाया। तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।

क्या करना चाहिए

जब घर में किसी की मृत्यु हो तो तेरहवीं के बाद मृत व्यक्ति का सारा सामान व्यवस्थित करना चाहिए। कपड़े, जूते चप्पल जरूरतमंदों को दान कर देने चाहिए। बिस्तर और निजी सामान भी दान करना शुभ होता है। अगर कुछ यादगार चीजें रखनी हैं तो उन्हें शुद्धिकरण के बाद ही रखें। तस्वीरें सही जगह पर लगाएं। घर की अच्छी तरह सफाई करें। नमक के पानी से पोंछा लगाएं। धूप और अगरबत्ती जलाएं। मृत्यु के बाद घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए हवन करवाएं। पूजा पाठ करें। घर में रोशनी रखें। इन सब उपायों से घर शुद्ध होता है और परिवार को शांति मिलती है।

निष्कर्ष

मृत्यु जीवन का सत्य है। लेकिन हमें धार्मिक और वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए। मृत व्यक्ति की चीजें घर में रखना परिवार के लिए हानिकारक हो सकता है। इन पांच चीजों को विशेष रूप से घर से हटा देना चाहिए। इससे मृत आत्मा को भी शांति मिलती है और परिवार भी सुरक्षित रहता है। याद रखें कि ये नियम हमारे भले के लिए ही बनाए गए हैं।

Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। विभिन्न समुदायों में अलग परंपराएं हो सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी कदम से पहले अपने धर्मगुरु या पंडित से सलाह लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेते।

Leave a Comment