Vastu Shastra In Hindi: वास्तु शास्त्र और धर्म शास्त्र में भगवान श्री कृष्ण ने मनुष्य के जीवन में आने वाली समस्याओं और बर्बादी के कारणों का विस्तार से वर्णन किया है। गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को जीवन जीने की कला सिखाई थी। आज हम जानेंगे उन आठ कारणों के बारे में जो मनुष्य की बर्बादी का कारण बनते हैं। ये कारण केवल धार्मिक नहीं बल्कि व्यावहारिक भी हैं। अगर इन आठ बातों से बचा जाए तो जीवन सुखी और समृद्ध हो सकता है। ये बातें वास्तु और जीवन शैली दोनों से जुड़ी हैं। तो आइए जानते हैं उन आठ कारणों को जो हमें बर्बादी से बचा सकते हैं।
प्रश्न 1: रास्ते में स्त्री के पीछे भाग कर चलना क्यों गलत है?
Answer: वास्तु और धर्म शास्त्र में कहा गया है कि रास्ते में चलते समय किसी स्त्री के पीछे भाग कर नहीं चलना चाहिए। इसका मतलब है कि किसी स्त्री को गलत नजर से देखना या उसका पीछा करना बहुत बड़ा पाप है। यह न केवल गलत है बल्कि बर्बादी का कारण भी बनता है। जो व्यक्ति ऐसा करता है उसका चरित्र गिरता है और समाज में बेइज्जती होती है। स्त्री का सम्मान करना हर पुरुष का कर्तव्य है। पराई स्त्री को माता बहन की नजर से देखना चाहिए।
प्रश्न 2: मुफ्त का खाना खाना क्यों गलत है?
Answer: श्री कृष्ण कहते हैं कि बिना मेहनत के मुफ्त का खाना खाना बर्बादी का कारण बनता है। जो व्यक्ति दूसरों पर निर्भर रहता है और खुद मेहनत नहीं करता वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। मुफ्त का खाना खाने से आलस्य बढ़ता है। व्यक्ति की मेहनत करने की इच्छा खत्म हो जाती है। अपनी कमाई का खाना ही सच्ची खुशी देता है। मेहनत करके कमाओ और अपने परिवार का पेट भरो। यही असली मर्द की पहचान है।
प्रश्न 3: जुआ खेलना क्यों बर्बादी का कारण है?
Answer: जुआ खेलना सबसे बड़ी बुराई है। महाभारत में पांडवों ने जुआ खेलकर अपना सब कुछ गंवा दिया था। जुआ व्यक्ति को लालची बनाता है। वह सोचता है कि बिना मेहनत के पैसा मिल जाएगा। लेकिन जुए में हमेशा नुकसान होता है। घर की संपत्ति खत्म हो जाती है। परिवार बर्बाद हो जाता है। जुआ खेलने वाला व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। इससे दूर रहना ही समझदारी है।
प्रश्न 4: शराब और नशा क्यों छोड़ना चाहिए?
Answer: शराब और किसी भी प्रकार का नशा मनुष्य की बुद्धि नष्ट कर देता है। नशे में व्यक्ति सही गलत का फैसला नहीं कर पाता। वह अपने परिवार के साथ बुरा व्यवहार करता है। पैसा बर्बाद होता है। स्वास्थ्य खराब होता है। नशा करने वाला व्यक्ति समाज में इज्जत खो देता है। इससे घर में कलह रहती है। नशे से दूर रहकर ही स्वस्थ और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है।
प्रश्न 5: चोरी करना क्यों पाप है?
Answer: चोरी करना सबसे बड़ा पाप है। जो व्यक्ति दूसरों की मेहनत की कमाई चुराता है वह कभी सुखी नहीं रह सकता। चोरी से कमाया धन कभी टिकता नहीं। किसी न किसी रूप में वह खर्च हो जाता है। चोर को हमेशा डर लगा रहता है। पकड़े जाने पर समाज में बेइज्जती होती है। ईमानदारी से कमाना चाहिए। चाहे कम कमाओ लेकिन इज्जत से कमाओ। चोरी से बचना जरूरी है।
प्रश्न 6: झूठ बोलना क्यों गलत है?
Answer: झूठ बोलना भी बर्बादी का कारण है। जो व्यक्ति हमेशा झूठ बोलता है उस पर कोई विश्वास नहीं करता। झूठ से थोड़े समय के लिए बच सकते हैं लेकिन एक दिन सच सामने आ ही जाता है। झूठे व्यक्ति की इज्जत नहीं होती। व्यापार में झूठ बोलने से नुकसान होता है। सच बोलने की आदत डालनी चाहिए। सच्चाई ही सबसे बड़ा धर्म है। सच बोलने वाला व्यक्ति हमेशा सम्मानित होता है।
प्रश्न 7: अपने माता पिता का अपमान क्यों नहीं करना चाहिए?
Answer: जो संतान अपने माता पिता का अपमान करती है वह कभी सुखी नहीं रह सकती। माता पिता ने हमें जन्म दिया, पाला पोसा और बड़ा किया। उनका ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। जो बच्चे माता पिता की सेवा नहीं करते उनके अपने बच्चे भी उनके साथ ऐसा ही करते हैं। माता पिता का सम्मान करना और उनकी सेवा करना हर संतान का कर्तव्य है। उनका आशीर्वाद ही असली धन है।
प्रश्न 8: अहंकार और घमंड क्यों छोड़ना चाहिए?
Answer: अहंकार और घमंड मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। जो व्यक्ति घमंड में रहता है वह अपने आप को सबसे ऊपर समझता है। वह दूसरों का अपमान करता है। लेकिन घमंड का पतन जरूर होता है। एक दिन वह अपना सब कुछ खो देता है। विनम्र रहना चाहिए। अपनी सफलता पर खुश रहो लेकिग घमंड मत करो। जमीन से जुड़े रहने वाले लोग ही लंबे समय तक सफल रहते हैं।
श्री कृष्ण की शिक्षा का महत्व
भगवान श्री कृष्ण ने गीता में ये सभी बातें बहुत विस्तार से बताई हैं। उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति इन बुराइयों से दूर रहता है वह सुखी और समृद्ध जीवन जीता है। ये आठ कारण ही मनुष्य की बर्बादी के मूल कारण हैं। अगर इनसे बचा जाए तो जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आएगी। ये बातें केवल धार्मिक नहीं बल्कि व्यावहारिक भी हैं। आज के समय में भी ये उतनी ही प्रासंगिक हैं। हमें इन शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना चाहिए। यही सच्ची भक्ति और सच्चा ज्ञान है।
निष्कर्ष
इन आठ बातों को याद रखें और अपने जीवन में इनसे बचें। स्त्री का सम्मान करें, मेहनत से कमाएं, जुए और नशे से दूर रहें, चोरी और झूठ से बचें, माता पिता की सेवा करें और अहंकार छोड़ें। ये छोटी छोटी बातें लेकिन इनका असर बहुत बड़ा है। जो व्यक्ति इन बातों को अपना लेता है उसका जीवन स्वर्ग बन जाता है। श्री कृष्ण की ये शिक्षाएं हमारे जीवन की दिशा तय करती हैं। इन्हें अपनाएं और सुखी जीवन जिएं।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक शिक्षाओं और वास्तु शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य लोगों को सही मार्ग दिखाना है। यह जानकारी केवल शैक्षिक और प्रेरणादायक उद्देश्य से दी गई है। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेते।