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Motivational Quotes In Hindi: इज्जत से जियो, प्यार की भीख मत मांगो

जीवन में इज्जत से जीना सबसे बड़ी कला है। जो व्यक्ति सम्मान के साथ जीता है वही सच्चा इंसान कहलाता है। आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी इज्जत और आत्मसम्मान को भूल जाते हैं। कुछ पाने के लिए हम अपनी मर्यादा से समझौता कर लेते हैं। लेकिन याद रखिए, जो इज्जत एक बार चली जाती है वह कभी वापस नहीं आती। यह आर्टिकल आपको बताएगा कि कैसे सम्मान के साथ जीवन जिया जाए। ये प्रेरक विचार आपके जीवन को बदल देंगे और आपको एक मजबूत इंसान बनाएंगे।

प्यार की भीख मत मांगो

प्यार वह भावना है जो दिल से आती है, जबरदस्ती या भीख मांगकर नहीं। अगर कोई आपसे सच्चा प्यार करता है तो वह खुद आपके पास आएगा। आपको किसी के आगे हाथ फैलाकर प्यार मांगने की जरूरत नहीं है। जो प्यार भीख में मिले वह प्यार नहीं बल्कि दया है। जब आप किसी से प्यार की भीख मांगते हैं तो आप अपनी इज्जत खुद गिराते हैं। सामने वाला व्यक्ति आपको कमजोर समझने लगता है। प्यार तो वह है जो बिना मांगे मिल जाए। अगर किसी को आपसे प्यार नहीं है तो उसे जाने दीजिए। अपनी कीमत खुद तय कीजिए। खुद से प्यार करना सीखिए। जब आप खुद से प्यार करेंगे तो दूसरे भी आपसे प्यार करने लगेंगे।

अपनी बांह खुद तय करो

जीवन में कई बार लोग आपको छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं। वे आपकी क्षमताओं पर सवाल उठाते हैं। ऐसे में आपको अपनी बांह यानी अपनी ताकत खुद तय करनी होगी। दूसरों की बातों में मत आइए। आप कितने मजबूत हैं यह आप खुद तय करें। अपनी क्षमताओं को पहचानिए और उन पर भरोसा रखिए। जो लोग आपको कमजोर बताते हैं उन्हें अपने कर्मों से जवाब दीजिए। शब्दों से नहीं बल्कि अपने काम से साबित कीजिए। हर इंसान में अपार शक्ति होती है। बस उसे पहचानने की जरूरत है। अपनी मेहनत पर विश्वास रखिए। जब आप खुद पर भरोसा करेंगे तो कोई आपको नहीं झुका सकता।

दयालु बनो पर कमजोर नहीं

दयालु होना और कमजोर होना दो अलग चीजें हैं। कुछ लोग दयालु इंसान को कमजोर समझ लेते हैं। लेकिन यह गलत है। दयालु होना एक बड़ा गुण है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप सबको अपने सिर पर चढ़ा लें। दया दिखाइए लेकिन अपनी मर्यादा बनाए रखिए। जो आपकी दया का गलत फायदा उठाए उसे रोकना सीखिए। दयालु होने का मतलब है जरूरतमंदों की मदद करना। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर किसी को अपने ऊपर हावी होने दें। अपनी सीमाएं तय कीजिए। जरूरत पड़ने पर सख्त भी बनिए। मजबूती और दया दोनों साथ साथ रह सकते हैं। दयालु दिल रखिए लेकिन रीढ़ की हड्डी मजबूत रखिए।

आत्मसम्मान सबसे बड़ा धन है

इस दुनिया में सबसे बड़ा धन आत्मसम्मान है। धन दौलत सब कुछ आ जा सकता है लेकिन एक बार आत्मसम्मान गया तो वापस नहीं आता। अपने आत्मसम्मान को हमेशा सबसे ऊपर रखिए। चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों ना हो, अपनी इज्जत से कभी समझौता मत कीजिए। जो व्यक्ति अपने आत्मसम्मान को बचा लेता है वह सब कुछ बचा लेता है। समाज में इज्जत पाने के लिए सबसे पहले खुद को इज्जत देना सीखिए। जो खुद को सम्मान नहीं देता दुनिया भी उसे सम्मान नहीं देती। गलत काम करने से पहले सोचिए कि क्या यह मेरे आत्मसम्मान के अनुकूल है।

रिश्तों में भी मर्यादा जरूरी है

रिश्तों में प्यार जरूरी है लेकिन मर्यादा उससे भी ज्यादा जरूरी है। बिना मर्यादा के कोई भी रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सकता। हर रिश्ते में एक सीमा होनी चाहिए। प्यार के नाम पर किसी की बेइज्जती करना या खुद की बेइज्जती सहना गलत है। रिश्तों में सम्मान होना बहुत जरूरी है। जिस रिश्ते में सम्मान नहीं वह रिश्ता नहीं बल्कि बोझ है। अपने रिश्तों में मर्यादा बनाए रखिए। प्यार दीजिए लेकिन अपनी इज्जत भी बचाइए। कभी भी किसी रिश्ते में इतने ना घुल जाइए कि अपनी पहचान ही खो दें। जो रिश्ता आपकी इज्जत नहीं करता उसे छोड़ देना ही बेहतर है।

मेहनत करो, सफलता जरूर मिलेगी

जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत जरूरी है। जो लोग केवल भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं वे कभी कुछ नहीं कर पाते। अपने हाथों से अपनी किस्मत बनाइए। दिन रात मेहनत कीजिए। जो व्यक्ति मेहनत करता है उसे देर सवेर सफलता जरूर मिलती है। आलस को अपने ऊपर हावी मत होने दीजिए। हर दिन कुछ ना कुछ सीखिए और आगे बढ़िए। मेहनत का फल मीठा होता है। जब आप अपनी मेहनत से कुछ हासिल करते हैं तो उसका मजा कुछ और ही होता है। भाग्य भी उसी की मदद करता है जो खुद अपनी मदद करता है।

अंतिम शब्द

जीवन में इज्जत से जीना ही असली जीवन है। धन दौलत सब कुछ फीका है अगर आत्मसम्मान नहीं है। इसलिए हमेशा अपनी इज्जत को सबसे ऊपर रखिए। प्यार की भीख मत मांगिए, अपनी ताकत खुद तय कीजिए, दयालु बनिए लेकिन कमजोर नहीं। अपने आत्मसम्मान को कभी किसी के लिए मत गिराइए। रिश्तों में मर्यादा रखिए और मेहनत कीजिए। ये छोटी छोटी बातें ही आपको एक महान इंसान बनाएंगी। इज्जत से जियो, यही जीवन का असली मंत्र है।

Disclaimer: यह लेख प्रेरणा और आत्म सम्मान के विषय पर लिखा गया है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। हर व्यक्ति की परिस्थिति अलग होती है। अपने विवेक का इस्तेमाल करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेते।

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