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Money Management In Hindi: भगवान शिव कहते हैं – घर में पैसा नहीं टिकता तो आज ही ये 10 चीजें घर से हटा दो

पैसा हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम सभी मेहनत से धन कमाते हैं लेकिन कई बार ऐसा होता है कि घर में पैसा नहीं टिकता। कितना भी कमाओ खर्च हो जाता है। ऐसे में हम परेशान हो जाते हैं और सोचते हैं कि आखिर समस्या क्या है। हिंदू धर्म शास्त्रों और भगवान शिव की शिक्षाओं में इसका जवाब मिलता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और धन को घर में टिकने नहीं देतीं। आज हम जानेंगे उन दस चीजों के बारे में जिन्हें घर से तुरंत हटा देना चाहिए। इन्हें हटाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और धन की समृद्धि आती है।

पहली चीज – टूटे फूटे बर्तन

एक परिवार था जो बहुत मेहनत करता था लेकिन उनके घर में पैसा कभी नहीं टिकता था। पिता दिन रात काम करते, मां भी मेहनत करती लेकिन फिर भी घर में हमेशा पैसे की तंगी रहती। एक दिन एक संत उनके घर आए। उन्होंने घर को देखा और कहा कि तुम्हारे घर में बहुत सारे टूटे फूटे बर्तन हैं। रसोई में जगह जगह टूटे कप, प्लेट और बर्तन रखे थे। संत ने समझाया कि ये टूटे बर्तन नकारात्मकता लाते हैं और माता लक्ष्मी को अप्रिय लगते हैं। जब घर में टूटा सामान होता है तो समृद्धि नहीं आती। परिवार ने तुरंत सभी टूटे बर्तन घर से निकाल दिए। धीरे धीरे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। यह सीख मिली कि घर में कभी भी टूटे बर्तन नहीं रखने चाहिए।

दूसरी चीज – पुराने फटे कपड़े

राजेश एक मध्यम वर्गीय परिवार से था। उसके घर में अलमारियां पुराने कपड़ों से भरी थीं। कुछ कपड़े दस साल पुराने थे जिन्हें कोई नहीं पहनता था। फटे हुए कपड़े, खराब हो चुके कपड़े सब जमा थे। राजेश की मां कहती थी कि ये काम आ जाएंगे लेकिन वे कभी काम नहीं आते। एक वास्तु विशेषज्ञ ने बताया कि पुराने और फटे कपड़े घर में गरीबी लाते हैं। ये नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत हैं। राजेश ने सभी पुराने कपड़े निकाले। जो ठीक थे उन्हें दान कर दिया और जो फटे थे उन्हें फेंक दिया। इसके बाद उसे एक अच्छी नौकरी मिल गई और घर में खुशहाली आई। सीख यह मिली कि पुराने कपड़े घर में नहीं रखने चाहिए।

तीसरी चीज – बंद घड़ी

सुनीता के घर में दीवार पर एक पुरानी घड़ी लगी थी जो पिछले तीन साल से बंद थी। उसकी बैटरी खत्म हो गई थी लेकिन किसी ने उसे हटाया नहीं। घर में समय थम सा गया था। आर्थिक तंगी बढ़ती जा रही थी। एक ज्योतिषी ने बताया कि बंद घड़ी समय के रुकने का प्रतीक है। जब घड़ी बंद होती है तो तरक्की भी रुक जाती है। बंद घड़ी से घर में ठहराव आता है। सुनीता ने तुरंत वह घड़ी उतार दी और नई घड़ी लगाई। कुछ ही महीनों में उसके पति का प्रमोशन हो गया। घर में बंद घड़ी कभी नहीं रखनी चाहिए। या तो उसे ठीक करवाओ या हटा दो।

चौथी चीज – कांटेदार पौधे

विक्रम को पौधे लगाने का बहुत शौक था। उसने घर में कई कैक्टस और कांटेदार पौधे लगा रखे थे। वे देखने में अच्छे लगते थे लेकिन घर में झगड़े बढ़ गए थे। पैसों की समस्या भी रहती थी। एक वास्तु सलाहकार ने बताया कि कांटेदार पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। ये तनाव और झगड़े बढ़ाते हैं। लक्ष्मी जी को कांटे पसंद नहीं। विक्रम ने सभी कांटेदार पौधे हटा दिए और तुलसी, पीपल और अन्य शुभ पौधे लगाए। घर में शांति आई और आर्थिक स्थिति भी सुधरी। कांटेदार पौधे केवल बाहर या बगीचे में लगाने चाहिए, घर के अंदर नहीं।

पांचवीं चीज – गंदा और अव्यवस्थित घर

प्रीति एक कामकाजी महिला थी। घर की सफाई का समय नहीं मिलता था। घर में जगह जगह सामान बिखरा रहता। कबाड़ जमा था। धूल जमी रहती। पैसे आते और चले जाते। कभी बचत नहीं हो पाती। एक दिन उसकी सहेली ने कहा कि गंदे घर में लक्ष्मी नहीं रहतीं। प्रीति ने घर की पूरी सफाई की। कबाड़ निकाला, सब कुछ व्यवस्थित किया। नियमित सफाई करने लगी। धीरे धीरे उसकी बचत होने लगी। घर में सकारात्मक ऊर्जा आई। साफ और व्यवस्थित घर में धन टिकता है। सफाई केवल बाहर की नहीं मन की भी होनी चाहिए।

छठी चीज – झाड़ू और पोंछे की गलत जगह

रमेश के घर में झाड़ू हमेशा सामने खड़ी रहती थी। पोंछा भी इधर उधर पड़ा रहता। किसी ने बताया कि झाड़ू को कभी खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा छिपाकर और लिटाकर रखना चाहिए। झाड़ू माता लक्ष्मी का प्रतीक है। इसे सम्मान से रखना चाहिए। रमेश ने झाड़ू और पोंछे को सही जगह रखना शुरू किया। रात को कभी झाड़ू नहीं लगाई। धीरे धीरे घर में धन का आना बढ़ गया। झाड़ू को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखना शुभ होता है।

सातवीं चीज – रसोई की गंदगी

मीना की रसोई हमेशा गंदी रहती थी। रात को बर्तन धुले नहीं रहते। चूल्हा साफ नहीं होता। कूड़ा जमा रहता। घर में बरकत नहीं थी। एक बुजुर्ग ने समझाया कि रसोई घर का हृदय है। यहां अन्न बनता है जो जीवन देता है। गंदी रसोई से अन्न देवता नाराज होते हैं और लक्ष्मी दूर चली जाती हैं। मीना ने रसोई को हमेशा साफ रखना शुरू किया। खाना बनाने से पहले और बाद में सफाई करती। चूल्हे को रोज साफ करती। घर में बरकत आने लगी। रसोई की स्वच्छता बहुत जरूरी है। यहां माता अन्नपूर्णा का वास होता है।

आठवीं चीज – मकड़ी के जाले

संजय के घर में कोनों में मकड़ी के जाले लगे रहते थे। छत पर, खिड़कियों पर, अलमारी के पीछे। सफाई ठीक से नहीं होती थी। घर में अंधेरा और नकारात्मकता थी। धन आता और तुरंत चला जाता। किसी ने बताया कि मकड़ी के जाले नकारात्मक ऊर्जा को फंसा लेते हैं। ये गरीबी का प्रतीक हैं। संजय ने पूरे घर की सफाई की। हर कोने से जाले हटाए। नियमित सफाई शुरू की। घर में रोशनी बढ़ाई। आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। घर के हर कोने की नियमित सफाई जरूरी है।

नौवीं और दसवीं चीज – नकारात्मक सोच और आलस्य

अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात। सुरेश के घर में सब कुछ ठीक था लेकिन फिर भी पैसा नहीं टिकता था। समस्या थी उसकी नकारात्मक सोच और आलस्य। वह हमेशा शिकायत करता रहता। काम टालता रहता। भाग्य को दोष देता। एक संत ने समझाया कि सबसे बड़ा वास्तु दोष हमारे मन में होता है। नकारात्मक सोच और आलस्य सबसे बड़े दुश्मन हैं। सुरेश ने अपनी सोच बदली। मेहनत करने लगा। सकारात्मक रहने लगा। जीवन बदल गया। धन की बरकत होने लगी। असली बदलाव मन से शुरू होता है। मेहनत और सकारात्मकता ही असली धन है।

Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। यह जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी बड़े बदलाव से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेते।

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