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Motivational Story In Hindi: कछुआ और घमंडी मगरमच्छ – घमंड का नाश करने वाली प्रेरक कहानी

Motivational Story In Hindi: घमंड इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। जो व्यक्ति घमंड में आ जाता है वह अपनी ताकत और बुद्धि दोनों खो देता है। आज की यह कहानी एक घमंडी मगरमच्छ और एक साधारण कछुए की है। यह कहानी हमें सिखाती है कि घमंड कैसे किसी को भी बर्बाद कर सकता है। साथ ही यह भी बताती है कि धैर्य और समझदारी से हर मुश्किल को हल किया जा सकता है। यह प्रेरक कहानी हर उम्र के लोगों के लिए एक सीख है। तो आइए जानते हैं इस दिलचस्प कहानी को।

नदी का घमंडी राजा

एक नदी में एक बहुत बड़ा मगरमच्छ रहता था। वह नदी का राजा था। उसकी ताकत के आगे कोई नहीं टिक सकता था। मगरमच्छ को अपनी ताकत पर बहुत घमंड था। वह सभी जानवरों को डराता और परेशान करता रहता। नदी के सभी जीव उससे डरते थे। मगरमच्छ कहता था कि मैं सबसे ताकतवर हूं और कोई मुझे हरा नहीं सकता। उसी नदी में एक कछुआ भी रहता था। कछुआ बहुत शांत और समझदार था। वह किसी को परेशान नहीं करता था। लेकिन मगरमच्छ हमेशा कछुए का मजाक उड़ाता। वह कहता कि तुम इतने धीमे हो कि कुछ कर ही नहीं सकते। कछुआ चुप रहता और अपने काम में लगा रहता।

मगरमच्छ की चुनौती

एक दिन मगरमच्छ ने सभी जानवरों को बुलाया। उसने घोषणा की कि मैं सबसे ताकतवर हूं। अगर किसी में हिम्मत है तो मुझसे मुकाबला करे। सभी जानवर डर के मारे चुप रहे। तभी कछुए ने कहा, मगरमच्छ भाई, ताकत से ज्यादा बुद्धि जरूरी है। यह सुनकर मगरमच्छ हंसने लगा। उसने कहा तुम जैसा धीमा प्राणी मुझे सीख दे रहा है। कछुए ने शांति से कहा, क्यों ना हम एक मुकाबला करें। मगरमच्छ मान गया। उसने सोचा कि इस कमजोर कछुए को तो मैं एक मिनट में हरा दूंगा। मुकाबले की शर्त यह थी कि दोनों को नदी पार करनी है और जो पहले पहुंचेगा वह जीतेगा। मगरमच्छ खुशी से तैयार हो गया।

समझदारी से जीत

मुकाबला शुरू हुआ। मगरमच्छ तेजी से तैरने लगा। वह बहुत तेज था। कछुआ धीरे धीरे आगे बढ़ रहा था। मगरमच्छ ने पीछे मुड़कर देखा और सोचा कि यह तो बहुत पीछे है। वह घमंड में आकर बीच नदी में रुक गया। उसने सोचा कि थोड़ा आराम कर लूं फिर आगे बढ़ूंगा। लेकिन कछुआ लगातार धीरे धीरे आगे बढ़ता रहा। वह रुका नहीं। जब मगरमच्छ आराम करके उठा तो देखा कि कछुआ लगभग किनारे पर पहुंच चुका है। मगरमच्छ तेजी से तैरा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कछुआ पहले किनारे पर पहुंच गया। सभी जानवरों ने कछुए की जीत पर खुशी मनाई। मगरमच्छ का घमंड चूर चूर हो गया।

घमंड का पाठ

मगरमच्छ को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसे समझ आया कि घमंड ने उसे हरा दिया। वह कछुए के पास गया और माफी मांगी। कछुए ने कहा देखो, मैं तुमसे ताकत में कमजोर हूं लेकिन मैंने धैर्य और लगन से काम लिया। तुमने अपनी ताकत पर घमंड किया और बीच में रुक गए। घमंड हमेशा नुकसान पहुंचाता है। मगरमच्छ ने अपनी गलती मानी और वादा किया कि अब वह किसी को परेशान नहीं करेगा। उस दिन के बाद से मगरमच्छ बदल गया। वह दयालु और विनम्र हो गया। नदी में सभी जानवर खुशी से रहने लगे। कछुए और मगरमच्छ अच्छे दोस्त बन गए।

कहानी की सीख

यह कहानी हमें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाती है। पहली बात यह कि घमंड हमेशा बुरा होता है। चाहे आप कितने भी ताकतवर क्यों ना हों, घमंड आपको गिरा देता है। दूसरी बात यह कि धैर्य और लगन से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। कछुआ धीमा था लेकिन उसने हार नहीं मानी। तीसरी बात यह कि बुद्धि ताकत से बड़ी होती है। कछुए ने अपनी समझदारी से मगरमच्छ को हराया। चौथी बात यह कि हमें कभी किसी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। हर किसी में कुछ ना कुछ खासियत होती है। जीवन में सफलता पाने के लिए विनम्रता, धैर्य और मेहनत जरूरी है। घमंड से बचें और सबका सम्मान करें। यही असली जीत है।

जीवन में अपनाएं यह बातें

हमें इस कहानी से सीख लेकर अपने जीवन में कभी घमंड नहीं करना चाहिए। अपनी सफलता पर खुश रहें लेकिन घमंड ना करें। दूसरों का सम्मान करें। किसी को कमजोर समझकर उसका मजाक ना उड़ाएं। धैर्य से काम लें। जल्दबाजी में गलतियां होती हैं। अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें और लगातार मेहनत करते रहें। अपनी गलतियों को स्वीकार करना सीखें। माफी मांगने में कोई बुराई नहीं। बुद्धि का इस्तेमाल करें। हर समस्या का समाधान ताकत से नहीं बल्कि समझदारी से होता है। विनम्र बनें। विनम्रता सबसे बड़ा गुण है। जीवन में ये छोटी छोटी बातें ही आपको सफल और खुश बनाएंगी।

Disclaimer: यह एक काल्पनिक प्रेरक कहानी है। इसका उद्देश्य नैतिक शिक्षा देना और घमंड के दुष्परिणाम बताना है। यह कहानी केवल शैक्षिक और प्रेरणादायक उद्देश्य से लिखी गई है। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं लेते।

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